मंगलवार, 24 जनवरी 2012


ये रिश्ते प्यार मोहब्बत के आज़माए नहीं जाते
अगर टूट भी जायें दिल से भुलाए नहीं जाते
कोई ख़ास ही होता है पलकों में जो रहता है
हर किसी को दिल मैं बसाया नहीं जाता
सारे सपनों की किराने तो हो जाती है खुद रोशन
ख्वाब प्यार के सोच समझ कर सजाए नहीं जाते
मिट जाता है सबकुछ मगर इस प्यार के रिश्ते में
कुछ अक्श कभी दिल से मिटाए नहीं जाते
उनकी जुदाई हमें बहुत तड़पाती है
हमारी आँखें उनके बिना हर पल रो देती है
इंतजार के दिए अब हमसे जलाए नहीं जाते…

खामोश चेहरे पर हज़ारों पहरे होते हैं,
हँसती आंखों में भी ज़ख़्म गहरे होते हैं...
जिन से अक्सर रूठ जाते है हम,
असल में उनसे ही रिश्ते गहरे होते है..

सोमवार, 19 सितंबर 2011

कोलकाता यात्रा पर हुए एक तजुर्बे की याद.....


हर तरफ खुदा ही खुदा दिखता है यहाँ



इधर खुदा है, उधर खुदा है,


जिधर देखो उधर खुदा है,


इधर-उधर बस खुदा ही खुदा है


जिधर नही खुदा है….उधर कल खुदेगा!


कल नही तो परसों, लेकिन खुदेगा ज़रूर...

शनिवार, 17 सितंबर 2011


'अनजाने ही सही'



देखा न तुझे तो क्या पर दिल से महसूस किया,


अनजाने ही सही पर इसके एहसास पर नाज़ है,


जितना भरोसा था कल उससे ज़्यादा आज है,


ये रिश्ता वो नहीं जो गम और खुशी में साथ दे ना दे, 


ऐ बहना! तेरे अनजाने ही सही से कहने पर लगा,


ये रिश्ता वो है जो धागे की डोर से ना बँधा तो क्या, 


पर अनजाने ही में अपनेपन का एहसास दिला गया........


बुधवार, 14 सितंबर 2011


अंदाज़े जिंदगी.....




एक फूल बन कर भी क्या जीना,


एक दिन मार कर दफ़ना दिए जाओगे,


जीना है तो पत्थर बन कर जियो,


मूर्ति बन गये तो भगवान तो कहलाओगे....








महफिल......



दोस्तों की महफिल सजे जमाना हो गया,

लगता है जैसे खुल के ज़िए जमाना हो गया,

काश कहीं मिल जाए काफिला दोस्तों का,

अपनों से बिछड़े हुए जमाना हो गया.....




दोस्त ऐसे हों .........


रास्ते ऐसे हों जो चलने और निभाने को मजबूर करें,

मयखाने ऐसे हों जो पीने और पिलाने को मजबूर करें.

जब मौत का दामन थामना चाहे कोई,

तो दोस्त ऐसे हों जो जीने को मजबूर करें......