मंगलवार, 5 मार्च 2013

हाल-ए-दिल....


♥••♥ अगर कहो तो हाले दिल का सुनाउं तुमको
♥••♥ तमाम उमर अपने सामने बिठाउं तुमको

♥••♥ मेरे ज़ख़्मों का हाल पूछो अगर मेरे महबूब
♥••♥ तो एक एक ज़ख़्म की तफ़सील सुनाउं तुमको

♥••♥ मौत की नींद से भी गहरी एक नींद होती है
♥••♥ तेरे बाजुओं का हो तकिया तो दिखाउं तुमको

♥••♥ यही दुआ है क़ि वो वक़्त आए एक बार फिर
♥••♥ तुम जो रूठो तो हाथ जोड़ कर मनाउं तुमको

♥••♥ हर शख्स में मुझे एक रक़ीब नज़र आता है
♥••♥ बोल ए मेरेहम नवाज?
♥••♥ किस किस की नज़र से बचाउं तुमको....


2 टिप्‍पणियां:

  1. यही दुआ है क़ि वो वक़्त आए एक बार फिर
    तुम जो रूठो तो हाथ जोड़ कर मनाउं तुमको!!!!!! WAAAAH!!!!

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    1. तहे दिल से शुक्रिया एवम् आभार मनोहर भाई...

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